DElEd 1st Semester Sanskrit Short Question Answer Sample

DElEd 1st Semester Sanskrit Short Question Answer Practice Notes Paper in Sanskrit

प्रश्न 6. कुछ पशुओं, पक्षियों तथा आप पास की वस्तुओं के नाम की जानकारी संस्कृत में दीजिए।

अथवा

अपने आस पास की किन्हीं पाँच वस्तुओं/पशुओं/पक्षियों के नाम संस्कृत में लिखिए।

अथवा

संस्कृत में चार पशुओं के नाम लिखिए।

उत्तर –

आस- पास की वस्तुओं के नाम
शब्द अर्थ शब्द  अर्थ
साइकिल द्विचक्रिका पगड़ी उष्णीष:
बैलगाड़ी गन्त्री तकिया उपघानम्
जहाज पोत: रजाई तूलपटी
गाड़ी शकट रूमाल कर्पट:
पशुओं के नाम
शब्द अर्थ शब्द अर्थ
अज: बकरा महिषी भैंस
अजा: बकरी मार्जारी बिल्ली
अश्व: घोड़ा नकुल: नेवला
पक्षियों के नाम
शब्द अर्थ शब्द  अर्थ
कपोत: कबूतर मराल: हंस
काक: कौआ श्येन: बाज
उलूक उल्लू मयूर: मोर

प्रश्न 7. कुछ फलों के नाम संस्कृत में लिखकर उनका हिन्दी नाम लिखिए।

उत्तर-

फलों के नाम
शब्द अर्थ शब्द अर्थ
सेवम् सेव कालिन्दम् तरबूज
जम्बू जामुन श्रृगारकम् सिंघाड़ा
द्राक्षा अंगूर कर्कटिका ककड़ी

प्रश्न 8. वचन किसे गहते हैं? इसके प्राक्रों को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए

अथवा

वचन किसे कहते हैं? छोटे बच्चों को वचन की जानकारी किस प्रकार दी जानी चाहिए, सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

(अ) बालकः पठति।

(ब) बालकाः पठन्ति।

यहाँ ‘बालकः’ शब्द से एक बालक का बोध होता है तथा ‘बालकाः’ शब्द से एक से अधिक का बोध हो रहा है।

वचन के भेद – संस्कृत में तीन वचन होते हैं

(i) एकवचन, (ii) द्विवचन, (iii) बहुवचन।

(i) एकवचन – संज्ञा के जिस रूप में किसी एक व्यक्ति अथवा वस्तु का बोध होता है, उसे एकवचन कहा जाता है; जैसे—छात्रः, बालकः, थैलाः, बालिकाः, वृक्ष:, सिंह :, पुस्तकः, मूषकः, कलमः, फलम् आदि ।

(ii) द्विवचन — जिस शब्द से दो वस्तुओं का बोध होता है, उसे द्विवचन कहा जाता है; जैसे—बालकौ, छात्रौ, फले, आवाम्, युवाम्, वृक्षौ, मातरौ, नद्यौ, राजानौ, लते, रामौ आदि। ।

(iii) बहुवचन – संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति अथवा वस्तु की एक से अधिक संख्या का बोध होता है, उसे बहुवचन कहा जाता है; जैसे—छात्राः, बालकाः, वयम्, यूयम्, रामाः, कवयः, भानवः, लताः, नद्यः, राजानः, पितरः, मातरः, फलानि, पुस्तकानि आदि। |

वचनों के नियम – संस्कृत में वचनों के कुछ नियम होते हैं, जो इस प्रकार हैं

(i) जाति के अर्थ में एकवचन का प्रयोग होता है; जैसे—मरणशील भवति। बालः चपलः भवति एव।

(ii) द्वयम्, द्वितयम्, त्रयम्, युग्मम्, युगलम् आदि शब्द एकवचन में ही आते हैं। इसी तरह गण, समूह, वर्ग, समुदाय, चतुष्टय आदि समाहार द्विगु व द्वन्द्व समास के शब्द भी मुनित्रयम्, कन्या, युगलम् आदि।। | (iii) संस्कृत में नेत्र, कर्ण, हस्त, पादवाचक शब्द प्रायः द्विवचन में आते हैं; जैसेनेत्राभ्याम् पश्यामि, पादाभ्याम्, गच्छति, हस्ताभ्यम्, कार्यम् करोमि, श्रोतभ्याम् आकर्णयति आदि। | (iv) द्वि, उम, दम्पति शब्द द्विवचनात्मक ही होते हैं।

(v) एक शेष द्वन्द्व के शब्द भी द्विवचनान्त ही होते हैं।

(vi) सहस्रम् (हजार), शतम्, लक्षम्, नियुतम् (दस लाख), अयुतम् (दस हजार), नीलम्, पदम्, शंखम् आदि शब्द नपुंसकलिंग एकवचन में आते हैं।

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