DElEd Semester 1 Social Studies Samajik Adhyan Short Question Answers in Hindi

DElEd Semester 1 Social Studies Samajik Adhyan Short Question Answers in Hindi

प्रश्न 44. राष्ट्रीय आय क्या है ? परिभाषा द्वारा स्पष्ट कीजिए।

उत्तरः राष्ट्रीय आय का अभिप्राय (Meaning of National Income)हमारे देश । में राष्ट्रीय आय की गणना सर्वप्रथ। 1967-68 के लिए भारतीय अर्थशास्त्री दादाभाई नौरोजी ने की थी। किसी देश के उत्पादन साधनों द्वारा किसी वर्ष में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के भौतिक मूल्य को राष्ट्रीय आय कहा जा है। अनेक अर्थशास्त्रियों ने राष्ट्रीय आय को ” मानव परिभाषित किया है, किन्तु इसके अभिप्राय को लेकर अर्थशास्त्री एकमत नहीं है।

परिभाषाएँ ।

मार्शल के अनुसार, ”देश के प्राकृतिक साधनों पर श्रम तथा पूँजी द्वारा कार्य करने पर । प्रतिवर्ष विभिन्न भौतिक एवं अभौतिक वस्तुओं और सेवाओं का जो उत्पादन होता है उन आ सभी के शुद्ध योग को देश की वास्तविक शुद्ध वार्षिक आय अथवा राष्ट्रीय लाभांश करते हैं।

मार्शल ने अपनी परिभाषा में ‘वास्तविक शुद्ध वार्षिक आय को राष्ट्रीय आय की संज्ञा दी है। वास्तविक शुद्ध वार्षिक आय की गणना करने हेतु कुल उत्पादन में से प्रयोग किये गये। कच्चे माल और आर्द्ध निर्मित माल, मशीनों की मिसावट और टूट फूट को पटा दिया जाता।

प्रश्न 45. अपनी भारत यात्रा के दौरान मेगस्थनीज द्वारा किये गये भारत के वर्णन को बिन्दुवार लिखिए।

उत्तर–मेगस्थनीज यूनानी सम्राट सेल्यूकस का राजदूत बनकर चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में लगभग नौ वर्ष तक रहा। उसने अपनी पुस्तक इण्डिका में मौर्य साम्राज्य का महत्वपूर्ण विवरण दिया है। उसके द्वारा दिया गया विवरण अग्र प्रकार था।

  • पाटलिपुत्र स्थित मौर्य राजप्रसाद इतना ही भव्य था जितन। ईरान की राजधानी में । बना राजप्रासाद।
  • यहां पर सनिक प्रशासन तीस अधिकारियों की एक परिषद् द्वारा किया जाता था। नगर का प्रशासन तीस सदस्यों का एक मण्डल सँभालता था । ,
  • यहाँ दास प्रथा नहीं थी।
  • यहा पर लकड़ी के भवन बनते थे।
  • यहाँ जहाज निर्माण महत्त्वपूर्ण उद्योग था।
  • भारतीय सगाजा सात जातियों में विभाजित था

उसने यहाँ की कुछ चीजों का भी वर्णन किया, जैसे

(अ) इस पेड़ की जड़े तने से राती सकी छाया में 100 लोग एक साथ रह सकत

हैं। (बरगद)।

के प्रयोगों में – में विभिन्न 1 में उपभोग आहे मुद्रा का ।

(ब) बिना मधुमक्खी के शहद मिलता है। (गन्ने से)

(स) का पेड़ों से उगती है। (कपास)

(द) पक्षी जो मनुष्य के समान बोलता है। (तोता)

प्रश्न 46. पुरा पाषाण काल मध्य पाषाण काल, नव पाषाण काल के पत्थर का औजारों की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर–विभिन्न कालों के पत्थर के औजारों की विशेषताएँ।

  1. पुरा पाषाण काल इस काल में मानव ने पत्थरों के औजारों का प्रयोग करना। और सेवा शुरू कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप इनकी आहार पद्धति में थोड़ा परिवर्तन आया। इससे । आय को पूर्व मानव पेड़ों के फल, कन्द तथा मेवे आदि खाकर अपनी भूख मिटाता था। इस काल में मानव को औजारों का निर्माण कर उनका प्रयोग शिकार के लिए किया। उसने मांसाहारी भोजन की शुरुआत की। उसने छोटे-छोटे पशु-पक्षियों को मारकर खाना शुरू कर दिया था। करने
  2. मध्य पाषाण काल-इस काल में मानव ने अपने शिकार करने के औजार ता है उन अधिक उन्नत तथा परिष्कृत बना लिये थे। इस समय पत्थर के कुल्हाड़ी, हड्डी, धातु तथा रांश करते लकड़ी के भी औजारों का निर्माण शुरू हो गया था। इससे विभिन्न प्रकार के स्क्रेपर, पुटिन तथा बेधक आदि औजार प्रमुख थे। इनका निर्माण ब्लेड पर किया गया था। की संज्ञा
  3. नव पाषाण काल—नव पाषाण काल में एक तरफ पत्थर के अच्छे औजार निर्मित किये गये होने लगे थे दूसरी और मानव ने धातुओं की खोज की और धातुओं के औजार बनाना शुरू या जाता कर दिया। धातुओं में सोने, ताँबा, राँगा और जस्ते की खोज हुई । जस्ता तथा ताँबा मिलाकर – पीतल बनाया गया। यही इस काल की महान उपलब्धि थी।

प्रश्न 47, अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा किसे कहते हैं ?    (बी.टी.सी. 2016)

उत्तर–अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा-यह हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी गोल है। अतः प्रत्येक स्थान पर पूरब या पश्चिम किसी भी दिशा में यात्रा करके पहुँचा जा सकता है । पृथ्वी त्य के ग्लोब पर 180° की पूर्वी एवं पश्चिमी देशान्तर रेखा एक ही रेखा होती है। यदि 0° देशान्तर रेखा से 180° पूर्वी देशान्तर की ओर चलें तो (180 x 4 = 720 मिनट या 12 घण्टे)

12 घण्टे का समय बढ़ जाता है तथा 0 से 180 पश्चिमी देशान्तर की ओर यात्रा करें तो 12 घण्टे का समय कम हो जाता है। अतः 180° पूवी देशान्तर से यौन विच (0) देशान्तर होने हुए 15- पश्चिमी देशान्तर तक यात्रा करने पर 24 घण्टे या एक दिन के समय का अन्तर आ जाता है। इसलिए पूर्व अथवा पश्चिम की ओर से 180° देशान्तर को पार करने पर एक दिन पर यश च जायेगा।

इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए 180″ देशान्तर रेखा के सहारे अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा मान ली गयी है। इस रेखा को पार करते समय एक दिन बढ़ाकर अथवा घटाकर तिथि परिवर्तन किया जाता है।

प्रश्न 48भारत के पड़ोसी देश कौन-कौन से हैं ? (बी.टी.सी. 2016)

उत्तर भारत के पड़ोसी देश जो लोग हमारे आस-पास के क्षेत्र में रहते हैं वे हमारे पडोसी कहे जाते हैं उसी प्रकार भारत की सीमा से जुड़े हुए देश भारत के पड़ोसी देश कहे। जाते हैं।

भारत के पड़ोसी देशों के नाम

  • चीन
  • भूटान
  • नेपाल
  • बांग्लादेश
  • म्यांमार
  • श्रीलंका
  • पाकिस्तान
  • अफगानिस्तान
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