Ist Samester DEIEd Hindi Bhasha Practice Set Paper 2016

Ist Samester DEIEd Hindi  Bhasha Practice Set  Paper 2016

Ist Samester DEIEd Hindi  Bhasha Practice Set  Paper 2016
Ist Samester DEIEd Hindi Bhasha Practice Set Paper 2016

प्रथम सेमेस्टर-2016

पष्टम् प्रश्न-पत्र

(हिन्दी)

समय :1.00 घण्टा ] [पूर्णांक : 25

निर्देशः

1. सभी प्रश्न अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न के निर्धारित अंक प्रश्न के सम्मुख दिये गये हैं।

2. इस प्रश्न पत्र में तीन प्रकार के (बहुविकल्पीय, अतिलघु उत्तरीय तथा लघु उत्तरीय) प्रश्न

हैं। बहुविकल्पीय (वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के सही विकल्प छैटकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखें।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग तीस (30) शब्द में, लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग पचास (50) शब्दों में लिखिए।

(4) पादप

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. ‘जलशब्द में समाहित स्वर वर्ण है

(1) आ (2) अ (3) उ

2. ‘ऋ’ संयुक्त वर्ण संयोग से बनता है

 (1) क् +श के (2) क् + स के (3) क् + ज के 3. (4) क् + ष के

3. ‘पर्वत’ शब्द का समानर्थी शब्द है

(1) घन (2) आगार (3) कूट 4. पादप

4. ‘विरोध’ शब्द का विलोम है-

(1) सहमत (2) सहायता (3) समर्थन (4) अनुरोध

5. कलम पकड़ने की सही विधि है

(1) पहली और दूसरी उँगली के बीच में कलम पकड़ना

(2) पहली उँगली और अँगूठे के सहारे पकड़ना

(3) पहली और दूसरी उँगली के बीच में कलम रखकर अँगूठे से पकड़ना

(4) इनमें से कोई नहीं।

अतिलघु ऊतीय प्रश्न

6, ‘लिपि’ किसे कहते हैं?

7. ‘इस्व स्वर’ किसे कहते हैं?

8. ऊष्म व्यंजन’ की संख्या लिखिए।

9. ‘अल्पविराम’ का प्रयोग कब किया जाता है?

10.‘लेखन-शिक्षण’ की दो विशेषताएँ लिखिए। .

11.लिखना सिखाने में ध्यान देने योग्य किन्हीं दो बिन्दुओं का उल्लेख कीजिए।

लघु उत्तरीय प्रश्न

12. ‘सस्वर वाचन’ की विशेषताएँ लिखिए।

13. श्रवण कौशल’ की दो विधियों को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

14. ‘वर्तनी’ सम्बन्धी अशुद्धियों को सुधारने के उपाय संक्षेप में लिखिए।

15. ‘विराम चिन्ह’ से क्या अभिप्राय है? प्रमुख विराम-चिन्हों का नामोल्लेख कीजिए। |

16. ‘अनुस्वार अथा अनुनासिक’ ध्वनियों में क्या अन्तर है? सोदारहण स्पष्ट कीजिए। 2 _

17. ‘स्पर्श व्यंजन’ से क्या अभिप्राय है? यह अंत:स्थ व्यंजनों से किस प्रकार भिन्न है? 2

18. हिन्दी-शिक्षण में श्रव्य-दृश्य साधनों के प्रयोग से क्या लाभ हैं, स्पष्ट कीजिए। 2

उत्तर-पुस्तिका (व्याख्या सहित)

 1. (2) ‘जल’ शब्द में समाहित वर्ण है-अ

ज + अ + ल + अ इसलिए ‘अ’ शब्द जल में समाहित है।

2. (4) क् + ष के

क्ष स्वर क और ष व्यंजन के मेल से बनते हैं।

3. (3) कूट

पर्वत का समानार्थी शब्द कूट है।

4. (3) किसी की बात को न मानना विरोध है परन्तु किसी की बात को मान लेना समर्थन है।

5. (3) पहली और दूसरी उँगली के बीच में कलम रखकर अंगूठे से पकड़ना (यही सही

तरीका है, कलम पकड़ने का)।।

6. भाषा को लिखने की विधि ही लिपि कहलाती है अथवा मुख से उच्चारित ध्वनियों को

लिखने में जो ध्वनि चिन्ह विशिष्ट रूप से निर्धारित होते हैं, उन्हें लिपि कहते हैं।

7. जिनके उच्चारण में कम से कम समय लगे, तो एक मात्रा का समय लगे उन्हें ह्रस्व स्वर

कहते हैं-अ, इ, उ, ऋ।

8. ऊष्म व्यंजन-जिन वर्गों के उच्चारण में हवा मुख से रगड़ खाती हुई धीरे-धीरे बाहर होती

है। उन्हें ऊष्म संघर्षी व्यंजन कहते हैं। जैसे-स, ष, श, ह।

9. अल्प विराम का प्रयोग पढ़ते अथवा बोलते समय थोड़ा रूकने के लिए किया जाता है।जैसे-साधना, सीता और मीरा अपनी कक्षा में प्रथम आए।

10. लेखन शिक्षण की दो विशेषताएँ|

(1) बैठने का ढंग (2) कलम पकड़ने का तरीका।

11. लिखना सिखाने में ध्यान देने योग्य बातें

(1) अक्षर की सुडौलता (2) शिरोरेखा |

12. सस्वर वाचन की विशेषताएँ

1. इसका अर्थ एक-एक अक्षर को शुद्ध तथा स्पष्ट रूप से उच्चारित कराना है।

2. इसका अर्थ है कि बैठने की गति न तो अधिक तीव्र होनी चाहिए और न अधिक शब्द

13. श्रवण कौशल की दो विधियाँ

वार्तालाप-विद्यार्थियों की मौखिक अभिव्यक्ति हेतु शिक्षक को चाहिए कि वह कक्षा ऐसी व्यवस्था करे जिससे छात्र आपस में बातचीत के माध्यम से विचार विमर्श करे।

वाक्य रचना – मुख से निकलने वाली सार्थक ध्वनियों का समूह जिससे व्यक्ति की

आकांक्षाओं, विचारधाराओं का दिग्दर्शन होता है। वाक्य कहलाता है।

14. हिन्दी शिक्षक श्रुतलेख के पश्चात् शिक्षार्थियों की त्रुटि का पता लगाकर उनके शुद्ध रूप को श्यामपटट् पर लिखें। प्रत्येक शब्द का, दो, तीन, बार शुद्ध उच्चारण करवाए।

15, विराम चिन्ह का अर्थ है ‘रुकना। जब हम अपने भावों को भाषा के द्वार व्यक्त करते हैं तब

एक भाव की अभिव्यक्ति के बाद कुछ देर रूकते हैं यह रुकना ही विराम चिन्ह कहलाता

है। (1) पूर्ण विराम, (2) अल्प विराम, (3) अर्द्ध विराम ।

16. हिन्दी में अनुस्वार एक नासिक्य व्यंजन है। प्रायः इसे स्वर या व्यंजन के ऊपर लगाया जाता है। जैसे-अंक स्वरों का उच्चारण करते समय वायु को केवल मुख से ही बाहर निकाला जाता है। जब वायु को मुख से साथ-साथ नाक से बाहर निकाला जाय तो सभी अनुनासिक है। जैसे-आँख। ।

17. स्पर्ष व्यंजन-इन व्यंजनों के उच्चारण के समय हमारी जीभ होंठ, दांत, आदि परस्पर स्पर्श

करके वायु को रोकते हैं। जैसे-क से म तक के 25 वर्ण स्पर्श व्यंजन हैं।

18. आधुनिक शिक्षा बालकेन्द्रित है। अत: आज के शिक्षा जगत के दृश्य श्रव्य

साधनों का महत्त्व बढ़ गया है। ये साधन बालकों की संख्या वृद्धि में भी सहायक होते हैं।

Like our Facebook PageBLike our Facebook Page

Tagged with: , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*