UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Sabdarthgat Ashudhiya Question Answer Paper


भजन,अर्चना, पूजा-भजन केवल मानसिक होता है, अर्चना केवल बाह्रा क्रिया(धूप, दीपादि द्वारा सत्कार)होती है.पूजा मानसिक और बाह्रा दोनों प्रकार की हो सकती है, जैसे- वह कमरे में बैठा हुआ भगवान का भजन कर रहा है.

हनुमानजी की अर्चना सिन्दूर का चोला चढाकर की जाती है.

दयानन्द सरस्वती मूर्ति-पूजा के विरुद्ध थे.

उपासना, आराधना-देवता की प्रसन्नता के लिए जो क्रिया की जाती है उसे उपासना कहते हैं. देवता के निकट वर-याचना करना आराधना, है, जैसे-हिन्दू-समाज में विभिन्न देवी-देवताओं की उपासना प्रचलित है.

राम को प्राप्त करने के लिए सीता ने पार्वती की आराधना की थी.

अहंकार, अभिमान , गर्व-अपने को ऊँचा समझना अहंकार,दूसरों को अपने से छोटा समझना अभिमान और रूप, बल, धन आदि के कारण अपने से दूसरों को छोटा समझना गर्व होता है. अभिमान में कारण का होना आवश्यक नहीं है. परन्तु गर्व में कारण का होना आवश्यक है, जैसे विनयशील व्यक्ति में अहंकार नहीं होता.

अभिमान के कारण अपने साथियों के प्रति उसका व्यवहार बिगङ गया है.

रावण को अपने बल का बङा गर्व था.

अस्त्र-शस्त्र-यन्त्र द्वारा फेंककर चलाया जाने वाला हथियार अस्त्र और हाथ में पकङकर चलाया जाने वाला हथियार शस्त्र कहलाता है, जैसे- सिहं को मारने के  लिए उसने दूर से ही अपना अस्त्र चलाया. शस्त्र के  द्वारा सिंह को मारना वीरों का ही काम है.

आधि, व्याधि-मानसिक दुःख को आधि और शारीरिक कष्ट को व्याधि कहते हैं. जैसे- पुत्र मृत्यु की आधि के कारण वह पागल हो गया है. रोग राम व्याधि के कारण है.

आचार, व्यवहार-आचार व्यापक शब्द है और व्यवहार सीमित. किसी व्यक्ति विशेष के प्रति होने वाले बर्ताव को व्यवहार कहते हैं. जैसे-आचार रहित जीवन अभिशाप है. जैसे-आजकल गुरुजनों के प्रति लङकों का व्यवहार अच्छा नहीं पाया जाता है.

तीर, तट-जलाशय के जल को स्पर्श करने वाली जमीन तीर और जलाशय के पास ही जमीन तट कहलाती है, जैसे-स्नान करते समय मैंने अपने वस्त्र यमुना के तीर पर रख दिए . कृष्ण यमुना के तट पर गायें चराया करते थे.

ब्राह्माण , दिज-ब्राह्माण और दिज में यह अन्तर है  कि दिज ब्राह्माण के अतिरिक्त क्षत्रिय और वैश्य के लिए भी प्रयुक्त होता है. ‘ब्राहमाण’ एक वर्ग विशेष के लिए  प्रयुक्त होता है.

भागना, दौङना-भागना प्रायः किसी प्रकार की शंका अथवा डर के कारण होता है, परन्तु दौङने में यह बात नहीं होती है. इसके अतिरिक्त भागने  का अर्थ ‘जी चुराना’, ‘जान बचाना’ भी होता है, जो दौङना का नहीं होता है. जैसे- चीता को देखते ही वह भाग गया.

वह काम करने से भागता है.

हॉकी के खेल में बहुत दौङना पङता है.

अन्य भारतीय भाषा –भाषायों के प्रभाव के कारण भी वाक्य-विन्यास में अशुद्धियाँ आ जाती हैं.

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निर्देश- नीचे  कुछ वाक्य दिए हुए हैं. प्रत्येक में एक रिक्ति है. उसकी पूर्ति हेतु चार विकल्प दिए गए हैं. सही विकल्प का चयन कीजिए.

  1. ताजमहल के….. सौंदर्य से हर कला प्रेमी प्रभावित होता है
  • अनुपम
  • अनोखे
  • अतुलनीय
  • अदितीय
  1. प्रधानाचार्य के पद हेतु पाँच वर्ष का शिक्षण…..आवश्यक है .
  • अध्ययन
  • अध्यवसाय
  • अनुभव
  • शिक्षण
  1. शिवाजी की…… मुगल सेना पर छाया हुआ था.
  • भय
  • डर
  • नाम
  • आतंक
  1. विश्वामित्र ने श्रीराम को धनुष भंग करने की…… दी.
  • आज्ञा
  • अनुज्ञा
  • अनुमति
  • स्वीकृति
  1. यह मेरा…. है कि आज वर्षा अवश्य होगी.
  • कथन
  • आकलन
  • अनुभव
  • अनुमान
  1. श्रीराम ने रावण के ………को चूर कर दिया.
  • अहंकार
  • गर्व
  • दर्प
  • अभिमान

  1. इस प्रस्ताव को अग्रसारित करने के पूर्व इसका आवश्यक है.
  • समर्थन
  • अनुमोदन
  • प्रतिषेध
  • प्रतिवेदन
  1. अधिक…….न करें . प्रधानाचार्य जी अप्रसन्न हो जाएंगे.
  • आग्रह
  • याचना
  • अनुरोध
  • अनुनय-विनय
  1. जो …….. करें, उनकी रिपोर्ट पुलिस से करना हमारा धर्म है.
  • पाप
  • अन्याय
  • अधर्म
  • अपराध
  1. आजकल सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति उत्सुक रहता है. फलतः राष्ट्रीय चरित्र का……हो गया है.
  • पतन
  • ह्रास
  • विकास
  • अवमूल्यन

उत्तरमाला

  1. (A)        (C)   3.    (D)   4.    (A)    5.    (D)   6.    (C)   7.    (B)    8.      (A)    9.    (D)   10.   (D)  

Tagged with: , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*