UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Vakya Shuddhi Question Answer Paper

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Vakya Shuddhi Question Answer Paper  Uttar PradeshTeacher Eligibility Test (UPTET) Most Important Question Answer Papers in Hindi English PDF Download.

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Vakya Shuddhi Question Answer Paper

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Vakya Shuddhi Question Answer Paper

UPTET Paper Level 1 Class 1 to 5 Question Answer Sample Model Practice Set

वाक्य शुद्धि (Sentence Correction)

भाषा की न्यूनतम इकाई वाक्य है और वाक्य की न्यूनतम इकाई शब्द (या पद) है. भाषा की शुध्दता के लिए एक ओर तो वर्तनी (Spelling) की शुध्दता आवश्यक है,तो दूसरी ओर वाक्य गठन भी पूर्णतः  निर्दोष होना चाहिए. वाक्य में अनेक प्रकार की अशुद्धियों होती हैं जिनका निराकरण आवश्यक है. यहाँ कारण सहित अशुद्धियों का

निराकरण किया जा रहा है.

अशुध्द वाक्य शुध्द वाक्य कारण
मैं प्रातःकाल के समय टहलता हूँ. मैं प्रातःकाल टहलता हूँ. प्रातःकाल में काल समय का सूचक है अतः काल और समय दोनों का एक साथ प्रयोग होने से पुनरावृत्ति दोष है.
आप लोग परस्पर एक-दूसरे से क्या कह रहे थे ? आप लोग परस्पर क्या कह रहे थे ? परस्पर और एक-दूसरे से पुनरावृत्ति है.अतः एक का प्रयोग होगा.
सज्जन पुरुष किसी को परेशान नहीं करते. सज्जन किसी को परेशान नहीं करते. सज्जन का अर्थ है भले लोग,अतः इसके साथ पुरुष का प्रयोग होने से पुनरावृत्ति है.
विंध्याचल पर्वत पर हरियाली है. विंध्याचल पर हरियाली है. अचल और पर्वत एक ही अर्थ के वाचक हैं अतः पुनरावृत्ति दोष है.
मैं मंगलवार के दिन व्रत रहता हूँ. मैं मंगलवार को व्रत रहता हूँ. मंगलवार के दिन पुनरावृत्ति दोष है, वार और दिन समानार्थी हैं.
हमारे सामानों का ध्यान रखना. हमारे सामान का ध्यान रखना. सामान स्वयं में बहुवचन है.
हम आपकी कृपाओं को नहीं भूल सकते. हम आपकी कृपा को नहीं भूल सकते. कृपा भाववाचक संज्ञा है जिसका बहुवचन नहीं बनता.
प्रतिरोज स्नान करना चाहिए प्रतिदिन स्नान करना चाहिए प्रति संस्कृत उपसर्ग जिसका प्रयोग दिन के साथ तो होगा ‘रोज’ के साथ नहीं जो उर्दू शब्द है.
रावण की हत्या राम ने की. रावण का वध राम ने किया. युद्ध में हत्या नहीं की जाती वध किया जाता
आपकी समस्या का उत्तर मेरे पास है. आपकी समस्या का समाधान मेरे पास है. समस्या का समाधान होता है, जबकि उत्तर प्रश्न का होता है.
उनके प्रश्न का समाधान मिल गया उनके प्रश्न का उत्तर मिल गया. प्रश्न का उत्तर होता है, समाधान नहीं.
देश में भूख की समस्या है. देश में भुखमरी की समस्या है. समस्या भूख से मरने वालों की है, भूख की नहीं.
मैं गाने की कसरत कर रहा हूँ. मैं गाने का अभ्यास कर रहा हूँ. उर्दू में जिसे रियाज कहते हैं उसके लिए हिन्दी में अभ्यास आता है, कसरत नहीं.
मैं देवी का दर्शन कर लिया. मैंने देवी के दर्शन कर लिए. दर्शन का प्रयोग सदैव बहुवचन में होता है.
मैंने हस्ताक्षर कर दिया. मैंने हस्ताक्षर कर दिए. हस्ताक्षर नित्य बहुवचन है.
उसका प्राण निकल गया. उसके प्राण निकल गए प्राण नित्य बहुवचन है
सभा में  अनेकों लोग थे, सभा में अनेक लोग थे. अनेकों का प्रयोग अशुध्द है, अनेक स्वयं में बहुवचन है.
तलवार एक उपयोगी अस्त्र है. तलवार उपयोगी शस्त्र है. अस्त्र फेंककर चलाए जाते हैं, जबकि शस्त्र हाथ से पकङकर काटने के काम आते हैं.
गणेशजी बाधा हर्ता हैं. गणेशजी विघ्न हर्ता हैं. कार्य के प्रारम्भ में विघ्न और कार्य के बीच में बाधाएँ आती हैं.
इस प्रदेश के मनुष्य परिश्रमी हैं. इस प्रदेश के लोग परिश्रमी हैं. मनुष्य के स्थान पर लोग का प्रयोग तर्कसंगत है.
मैंने दिल्ली जाना है. मुझे दिल्ली जाना है. मैंने का प्रयोग अशुद्ध है यह पंजाबी ढंग की वाक्य रचना है.
मैं तेरे को बता दूँगा. मैं तुम्हें बता दूँगा. तेरे सर्वनाम का प्रयोग अशुद्ध है
मैं तेरी गलती मानता हूँ. मैं अपनी गलती मानता हूँ. मेरी के स्थान पर अपनी का प्रयोग ठीक है.
चाय में कौन पङा है? चाय में क्या पङा है? कौन का प्रयोग ठीक नहीं है. यह व्यक्ति के लिए आता है.
कोई ने बताया था ? किसी ने बताया था? कोई ने अशुद्ध प्रयोग है.
उसको लङका हुआ है. उसके लङका हुआ है. कारक चिन्ह भी  अशुद्धि है.
राम ने कहा कि वह आज नहीं जाएगा. राम ने कहा कि मैं आज नहीं जाऊँगा. अंग्रेजी ढंग की वाक्य रचना में वह का प्रयोग होता है, हिन्दी में इसके स्थान पर मैं उपयुक्त है.
ये आदमी कौन था ? यह आदमी कौन था ? आदमी एकवचन है अतः उसका विशेषण भी एकवचन यह होगा बहुवचन ये नहीं.
मेरे से क्या काम है आपको? मुझसे क्या काम है आपको? मेरे का प्रयोग कारकों की दृष्टि से गलत है.
वह लोग जा रहे हैं. वे लोग जा रहे हैं. लोग बहुवचन है अतः वह (एकवचन ) के स्थान पर वे (बहुवचन ) सही है.
तुम उसको घृणा क्यों करते हो? तुम उससे घृणा क्यों करते हो? उसको के स्थान पर उससे ठीक है.
उसने वहाँ जाना है. उसे वहाँ जाना है. उसने के स्थान पर उसे ठीक है.
आज बेशुमार गर्मी है. आज बेहद गर्मी है. बेशुमार का अर्थ होता है जिसकी गणना न हो सके. जबकि बेहद का अर्थ है असीमित.
वर्षा पूरी रातभर होती रही. वर्षा रातभर होती रही. ‘पूरी’ अनावश्यक है.
मेले में भारी –भरकम भीङ थी. मेल में भारी भीङ थी. भरकम अनावश्यक है.
वह गर्म आग से जल गया. वह आग से जल गया. गर्म शब्द अनावश्यक है आग गर्म ही होती है.
हमारी सौभाग्यवती कन्या का विवाह है. हमारी सौभाग्यकांक्षिणी कन्या का विवाह है. कन्या विवाह के बाद सौभाग्यवती होती है. सौभाग्यकांक्षिणी का अर्थ है- सौभाग्य की आंकाक्षा वाली.
उसके गले में एक फूलों की माला थी. उसके गले में फूलों की एक माला थी. एक फूल की माला नहीं होती , फूलों की एक माला होती है.
वह बीमारी से ग्रसित है. वह बीमारी से ग्रस्त है. ग्रसित का प्रयोग अशुद्ध है.
तुम बेफिजूल की बातें क्यों करते हो. तुम फिजूल की बातें करते हो. फिजूल का अर्थ है.व्यर्थ की अतः उसमें बे उपसर्ग लगाना ठीक नहीं.
मैं उसका गुप्त रहस्य जानता हूँ. मैं उसका रहस्य जानता हूँ. रहस्य तो गुप्त होता ही है. अतः गुप्त अनावश्यक है.
उसकी गर्दन शर्म से नीचे थी. उसकी गर्दन शर्म से नीची थी. नीचे के स्थान पर नीची.
यह उसका छठवाँ बच्चा है. यह उसका छठा बच्चा है. छठवाँ के स्थान पर छठा ठीक है.
कृपया प्रार्थना स्वीकार करने की कृपा करें. कृपया प्रार्थना स्वीकार करें. कृपया के साथ कृपा करें, यह ठीक नहीं है. यह पुनरावृत्ति है.
यह काव्य संग्रह अच्छा है. यह काव्य संकलन अच्छा है. कविताओं का संकलन होता है, संग्रह नहीं.
यह कहानी संकलन किसका है. यह कहानी संग्रह किसका है? कहानियों का संग्रह होता है, संकलन  नहीं.
मैंने अनेकों बार तुम्हें टोका है. मैंने अनेक बार तुम्हें टोका है. अनेकों अशुद्ध है अनेक स्वयं में बहुवचन है.
आप लोग अपनी राय दें. आप लोग अपनी-अपनी राय दें. अपनी के स्थान पर अपनी-अपनी का प्रयोग ठीक है, क्योंकि राय सबकी लेनी है. न कि एक की लेनी है.
मुझे भारी  भूख लगी थी. मुझे बहुत भूख लगी थी. भूख के लिए भारी विशेषण गलत है.
यह सबसे सुन्दरतम लङकी है. यह सुन्दरतम लङकी है. सुन्दरतम (Best) के लिए प्रयुक्त है.

क्रिया सम्बन्धी अशुद्धियों के निराकरण हेतु नियम

  1. आदरणीय व्यक्ति के लिए बहुवचन की क्रिया प्रयुक्त होती है. यथा-

पिताजी आ रहे हैं.

श्री मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री हैं.

तुलसी श्रेष्ठ कवि थे.

भले ही यहाँ कर्ता एकवचन में हो, किन्तु आदरणीय होने से क्रिया बहुवचन की होगी.

  1. आदरसूचक आप के साथ भी बहुवचन की क्रिया लगती  है, यथा-आप कहाँ गए थे ?
  2. विभक्ति रहित कर्ता होने पर वाक्य की क्रिया कर्तानुसारी होगी.यथा-

सीता घर गयी.           (स्त्रीलिंग. एकवचन)

मोहन घर गया.           (पुल्लिंग, एकवचन)

लङके घर गए.           (पुल्लिंग, बहुवचन)

लङकियाँ घर गईँ.         (स्त्रीलिंग,बहुवचन)

  1. यदि कर्ता के साथ ने विभक्ति लगी हो तो क्रिया कर्म का अनुसरण करेगी, कर्ता का नहीं. यथा-

श्याम ने फल खाए.       (क्रिया फल (कर्म) के अनुसार पुल्लिंग बहुवचन की है.)

श्याम ने रोटी खाई.        ( क्रिया रोटी (कर्म) के अनुसार स्त्रीलिंग एकवचन की है)

श्याम ने दूध पिया.        (क्रिया दूध (कर्म) के अनुसार पुल्लिंग एकवचन की है)

  1. यदि कर्ता और कर्म दोनों ही परसर्ग (कारक चिन्ह) युक्त हो तो वाक्य की क्रिया पुल्लिंग एकवचन में होगी यथा-

मोहन ने गीता को पीटा.

मैंने शेर को देखा.

लङकों ने शेर को देखा.

लङकियों ने लङको को पीटा.

  1. यदि एक ही लिंग , वचन की अनेक संज्ञाएं विभक्ति रहित कर्म बनकर वाक्य में आएं तो क्रिया उसी लिंग की और बहुवचन की होगी. यथा-

शिकारी ने जंगल में शेर, चीते,हिरन देखे.

मैंने वहाँ गाय, भैंस ,बकरी देखी.

युग्म शब्दों र

उसने दाल-रोटी खाई.      ( स्त्रीलिंग)

उसने दाल-भात खाया.     ( पुल्लिंग)

उसने धोती-कुर्ता पहना.    (पुल्लिंग)

उसने कुर्ता-धोती पहनी.    (स्त्रीलिंग)

  1. अकर्मक क्रिया के कर्मणि प्रयोग (भावे प्रयोग) में क्रिया सदैव पुल्लिंग ,एकवचन, अन्य पुरुष में होगी. यथा-

राम से सोया नहीं जाता.

उससे उठा नहीं जाता.

  1. दर्शन , प्राण, आँसू, हस्ताक्षर, बाल, लोग, होश, आदि शब्द नित्य बहुवचन हैं, अतः इसके साथ बहुवचन की क्रिया प्रयुक्त होती है. जैसे-

मैंने बाल कटा लिए.

उसने देवी के दर्शन कर लिए.

इन कागजों पर हस्ताक्षर हो गए.

उनके होश उङ गए.

दादाजी ने प्राण त्याग दिए.

वहाँ लोग आ-जा रहे थे,

यहाँ अशुद्ध वाक्यों के शुद्ध रूप प्रस्तुत हैं-

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Sentence Correction Question Answer Paper

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Sentence Correction Question Answer Paper

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य
सब माल बिक गए. सब माल बिक गया.
चारों आश्रमों का नाम बताओ. चारों आश्रमों के नाम बताओ.
उसका पिता बीमार है. उसके पिताजी बीमार हैं.
वहाँ कोई खङे हैं? वहाँ कोई खङा है.
हम आपकी कृपाओं को नहीं भूल सकते. हम आपकी कृपा को नहीं भूल सकते.
वह रोज आठ बजे आवे है. वह रोग आठ बजे आता है.
कृपया गन्दगी मत कीजिए. कृपया गन्दगी न करें.
जो बोला है, वह कर. जो कहा है , वह करो.
वह गाली निकाल रहा था, वह गाली बक रहा था.
वह सोता होयगा. वह सोता होगा.
वह आता होवगा. वह आता होगा.
वे रोज जाया किए थे. वे रोज जाया करते थे.
सभापति ने बैठकर आसन ग्रहण किया. इन हालात में काम नहीं हो सकता.
वह पढता होगा. वह पढ रहा होगा. या वह पढता होगा.
मैं आपसे श्रद्धा करता हूँ. मैं आपके प्रति श्रद्धा रखता हूँ.
इसके बाद वे वापस लौट गए. इसके बाद वे वापस चले गए.
वे घंटो लिखा किए. वे घंटो लिखते रहे.
पूजनीय माताजी को प्रणाम. पूजनीया माताजी को प्रणाम.
पूज्यनीय पिताजी को चरण स्पर्श. पूजनीय पिताजी को चरण स्पर्श.
वह कमीज डालकर सो गया. वह कमीज पहनकर सो गया.
उसके पास होने की आशंका है. उसे पास होने की आशा है.
राधा विलाप करके रोने लगी. राधा विलाप करने लगी.
आप पुस्तक पढो. आप पुस्तक पढे.
तेरे को मेरे से क्या काम? तुम्हें मुझसे क्या काम है?
इस पुस्तक के अंदर बहुत कुछ है. इस पुस्तक में बहुत कुछ है.
मैं पेन के साथ लिखता हूँ. मैं पेन से लिखता हूँ.
दरअसल  में वह सीधा आदमी है. दरअसल वह सीधा आदमी है.
आपकी प्रतिरक्षा मुझे करनी है. आपकी सुरक्षा मुझे करनी है.
कृपया कल पधारने की कृपा करें. कृपया कल पधारें.
अपन ठीक रहता है. मैं ठीक रहता हूँ.
अभी आपको बहुत- सी बातें सीखना है. अभी आपको बहुत-सी बातें सीखनी हैं.
मैंने मेरा काम कर लिया. मैंने अपना काम कर लिया.
तुम मुझे गाली क्यों दिया? तुमने मुझे गाली क्यों दीं.
मैं सविनयपूर्वक निवेदन करता हूँ. मैं विनयपूर्वक निवेदन करता हूँ.
कुएँ के अन्दर कौन गिर गया? कुएँ में कौन गिर गया?
तुमको यह किताब पढना है. तुम्हे यह किताब पढनी है.
एक गीतों की किताब ले आओ. गीतों की एक किताब ले आओ.
वह चरखा कात रहा था. वह चरखा चला रहा था.
आप दो घंटा लेट हैं. आप दो घंटे लेट हैं.
मैं यह स्वीकृत करता हूँ. मैं इसे स्वीकृत करता हूँ.
दोनों गाय सफेद हैं. दोनों गायें सफेद हैं.
वहाँ कविता खूब चली. वहाँ कविता खूब जमी.
शोर से कान का पर्दा फट रहा है. शोर से कान के परदे फट रहे हैं.
मैं घर ही हूँ. मैं घर पर ही हूँ.
भूकम्प में बहुत हानि हुई. भूकम्प में बङी हानि हुई.
वृक्षों पर तोता बैठा है. वृक्षों पर तोते बैठे हैं या वृक्ष पर तोता बैठा है.
वे अपना भाग्य कोस रहे थे. वे अपने भाग्य को कोस रहे थे.
गाय का दूध गरम पिओ. गाय का गरम दूध पियो.
तमाम देशभर में अफवाह फैल गई. देशभर में अफवाह फैल गई.
मैंने भगवद्गीता पढा है. मैंने भगवद्गीता पढी है.
तुम चोरी के कारण दण्ड  के योग्य हो. तुम चोरी के कारण दण्डनीय हो.
पति-पत्नी आई है. पति-पत्नी आए हैं.
मैंने बोला है. मैंने कहा है.
उन्होनें हाथ जोङा . उन्होंने हाथ जोङे.
मेरा प्राण संकट में है. मेरे प्राण संकट में हैं.
बेटी पराए घर का धन होता है. बेटी पराए घर का धन होती है.
ठण्डा घङे का पानी पिलाइए. घङे का ठण्डा पानी पिलाइए.
यह मेरी अपनी किताब है. यह मेरी किताब है.
उसके बाद फिर यह हुआ. उसके बाद यह हुआ.
उसने भाषण किया. उसने भाषण दिया.
यहाँ महामारी के खतरे का डर है. यहाँ महामारी का डर है.
हिमालय पर्वत सबसे ऊँचा है. हिमालय सबसे ऊँचा पर्वत है,
यहाँ ताजा गन्ने का रस मिलता है. यहाँ गन्ने का ताजा रस मिलता है.
उन्होंने हाथ जोङा. उन्होंने हाथ जोङे.
तुम केवल मात्र आ जाना. तुम केवल आ जाना.
आपकी दही खट्टी है. आपका दही खट्टा है.
तौलिया सूख रहा है. तौलिया सूख रही है.
मैं मेरा काम करूँगा. मैं अपना काम करूँगा.
मैं मेरी कलम से लिखता हूँ. मैं अपनी कलम से  लिखता हूँ.
तुलसी ने अनेकों काव्य ग्रंथों की रचना की है. तुलकी ने अनेक काव्य ग्रंथों की रचना की है.
ईश्वर के अनेकों रूप हैं. ईश्वर के अनेक रूप हैं,
सहधन्यवाद आपका पत्र प्राप्त हुआ. आपका  पत्र प्राप्त हुआ,धन्यवाद.
आप यह काम करो. आप यह काम कीजिए.
बन्दूक एक उपयोगी शस्त्र है. बन्दूक एक उपयोगी अस्त्र है.
उसने अच्छा भाषण बोला. उसने अच्छा भाषण दिया.
वह प्रातःकाल के समय आया था. वह प्रातःकाल आया था.
सुधा  का स्वभाव राधा की तरह है. सुधा का स्वभाव राधा जैसा है.
उसने एक मोती का हार खरीदा. उसने मोतियों का एक हार खरीदा.
मेरे को अपनी पुस्तक देकर जाना. मुझे अपनी पुस्तक देकर जाना.
हमारे समाज के बीच अनेक कुरीतियाँ हैं. हमारे समाज में अनेक कुरीतियाँ हैं.
शायद वह अवश्य आवेंगे. वे अवश्य आएंगे.
वह कहे थे  पर आप नहीं सुने. उन्होंने कहा था पर आपने नहीं सुना.
वह अन्दर से बाहर घुसा. वह  अन्दर से बाहर आया.
आप कहाँ पर रहते हैं. आप कहाँ रहते हैं.
उन्हें सादरपूर्वक ले आइए. उन्हें आदरपूर्वक ले आइए या उन्हें सादर ले आइए.
मैं तुम्हारा हाथ-पाँव तोङ दूँगा. मैं तुम्हारे हाथ-पैर तोङ दूँगा.
आदरणीय बहनजी को प्रणाम. आदरणीया बहनजी को प्रणाम.


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