UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Vakya Vichar Question Answer Paper


  1. रामू मिठाई खाती है.
  2. आशा, कृष्णा और ऊषा जा रही है.
  3. कृष्ण-राधा आईं.
  4. शेर और गाय एक साथ पानी पीती हैं.
  5. एक लङका, दो जवान और कई महिलाएँ आते हैं.
  6. राम की एक कुर्सी और दस बन्दूक बिकेगी.
  7. वह, आप और मैं दिल्ली चलूँगा.
  8. उसने गाली दिया.
  9. पिताजी ने अपने बेटी को बुलायी.
  10. तुमको खीर बनाना नहीं आती.
  11. श्याम ने गायें और भैंसे मोल लिए.
  12. मैंने मिठाई और दही खिलाया.
  13. लङके वही हैं.
  14. राम, शीला,और सीता आईँ और वे बीमार हो गईं.
  15. मैंने आज तक किसी भी प्रकार का झूठ नहीं बोला है.
  16. कोई भी व्यक्ति मृत्यु पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता है.
  17. श्याम लाठी के द्वारा पशुओँ की रखवाली करता है.
  18. हम द्वारा डाक आपको रुपये भेज देंगे.
  19. तुम लोग अंधा नहीं है.
  20. छत के ऊपर सब लोग बैठे हैं.
  21. आजादी के पीछे की दो महत्वपूर्ण घटनाओं का नाम बताइए.

उत्तरमाला

  1. शुद्ध वाक्य-रामू मिठाई खाता है.

नियम-कर्ता विभक्ति रहित है. अतः उसकी क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के लिंग , वचन और पुरुष के अनुसार होते हैं.

  1. शुद्ध वाक्य-आशा, कृष्णा और ऊषा जा रही हैं.

नियम-वाक्य में एक ही लिंग, वचन, और पुरुष के विभक्ति रहित कर्ता हों और अन्तिम कर्ता के पहले ‘और’ संयोजक आया हो, तो इन कर्ताओं की क्रिया उसी लिंग के बहुवचन में होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-कृष्ण –राधा आए.

नियम-यदि वाक्य में दो भिन्न लिंगों के कर्ता हों और दोनों द्न्द समास के अनुसार प्रयुक्त हों, तो उनकी क्रिया पुल्लिंग बहुवचन में होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-शेर और गाय एक साथ पानी पीते हैं.

नियम- यदि वाक्य में दो भिन्नृ-भिन्न विभक्ति रहित कर्ता हों और दोनों के बीच और संयोजक आए तो उनकी क्रिया पुल्लिंग और बहुवचन में होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-एक लङका, दो जवान और कई महिलाएँ आती हैं.

नियम-यदि वाक्य में दोनों वचनों और लिंगो के अनेक कर्ता हों तो क्रिया बहुवचन में होगी और उनका लिंग अन्तिम कर्ता के अनुसार होगा.

  1. शुद्ध वाक्य-राम की एक कुर्सी और दस सन्दूक बिकेंगे.

नियम-यदि वाक्य में अनेक कर्ताओँ के बीच विभाजक समुच्चयबोधक अव्यय या अथवा वा रहे तो क्रिया अन्तिम कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार होगी.

  1. शुद्ध वाक्य वह, आप और मैं दिल्ली चलेंगे.

नियम-यदि उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष और अन्य पुरुष एक वाक्य में कर्ता बनकर आएं तो क्रिया उत्तम पुरुष के अनुसार होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-उसने गोली दी.

नियम-यदि  वाक्य में कर्ता ने विभक्ति से युक्त हो और  कर्म के साथ को विभक्ति न हो , तो उसकी क्रिया कर्म के लिंग , वचन और पुरुष के अनुसार होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-पिताजी ने अपनी बेटी को बुलाया.

नियम-यदि कर्ता और कर्म दोनों विभक्तियों से युक्त हों तो क्रिया सदैव एकवचन, पुल्लिंग और अन्य पुरुष में होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-तुमको खीर बनाना नहीं आता.

नियम-यदि कर्ता ‘को’ प्रत्यय से युक्त हो और क्रम के स्थान पर कोई क्रियावाचक संज्ञा आए, तो क्रिया सदा पुल्लिंग , एकवचन और अन्य पुरुष में होगी.

  1. शुद्ध वाक्य-मैंने मिठाई और दही खिलाई.

नियम-वाक्य में भिन्न-भिन्न लिंग के अनेक प्रत्यय कर्म आएं और वे और जुङे हों , तो क्रिया अन्तिम कर्म के लिंग और वचन के अनुसार होगी.

नोट-दही के स्थान पर यदि समोसे शब्द होता, तो क्रिया पद खिलाया के स्थान पर खिलाए होगा.

  1. शुद्ध वाक्य-लङके वे ही हैं.

नियम- सर्वनाम के लिंग, वचन और पुरुष उस संज्ञा के अनुसार होंगे जिसके स्थान पर ही सर्वनाम  आए तो वह पुल्लिंग बहुवचन में होगा.

  1. शुद्ध वाक्य-मैंने आज तक किसी प्रकार का झूठ नहीं बोला है.

नियम-‘किसी’ के साथ भी का प्रयोग अशुद्ध है.

  1. शुद्ध वाक्य- कोई व्यक्ति मृत्यु पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता है.

नियम-‘कोई’ के साथ भी का प्रयोग अशुद्ध है.

  1. शुद्ध वाक्य- श्याम लाठी द्वारा पशुओं की रखवाली करता है.

नियम-‘द्वारा’ के बाद किसी विभक्ति अथवा प्रत्यय का प्रयोग नहीं होता है.

  1. शुद्ध वाक्य-हम डाक द्वारा आपके रुपए भेज देंगे.

नियम- किसी व्यक्ति के माध्यम से जब कोई काम होता है, तब संज्ञा के बाद द्वारा का प्रयोग होता है.

  1. शुद्ध वाक्य-सब लोग अंधे नहीं हो.

नियम-सब और लोग सामान्यतः बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं.

  1. शुद्ध वाक्य-छत पर सब लोग बैठे हैं.

नियम-ऊपर का प्रयोग विशेष ऊँचाई का बोधक है. सामान्य ऊँचाई के संदर्भ में पर का ही प्रयोग होता है.

  1. शुद्ध वाक्य-आजादी के बाद की दो महत्वपूर्ण घटनाओँ के नाम बताइए.

नियम-पीछे का प्रयोग स्थान का अंतर बताता है. काल का अन्तर बताने के लिए बाद का प्रयोग किया जाता है.

निर्देश-निम्नलिखित वाक्यों में कुछ वाक्य त्रुटिपूर्ण वाक्यों के जिस अंश मे त्रुटि हो उसके अनुरूप अक्षर (A),(B),(C) वाले वृत्त में निर्देशानुसार चिन्ह लगाइए. यदि वाक्य त्रुटिरहित है, तो (D) वाले वृत्त पर चिन्ह लगाइए.


4

  1. इस कहानी में कहानीकार का उद्देश्य/दहेज समस्या/ पर प्रकाश डालता है. कोई त्रुटि नहीं है.
  • (B)                   (C)                               (D)
  1. कोई भी पाठक/‘रामचरित मानस’ जैसे काव्य पढकर/ आनंद का आभास कर सकता है.

                                                                                                                        कोई त्रुटि नहीं

  • (B)                                           (C)                               (D)
  1. माता-पिता का प्रणय भी/ ऐसे बच्चों के प्रति स्वाभाविक है/ जो उनके आज्ञावर्ती होते हैं.

                                                                                                                        कोई त्रुटि नहीं.

  •                         (B)                                           (C)                   (D)      
  1. यह जरूरी नहीं है/ कि गरीब घर में पैदा होने वाला/ बालक आजन्म-पर्यन्त गरीब ही रहे.

                                                                                                                        कोई त्रुटि नहीं.

  • (B)                                           (C)                                           (D)      
  1. बात कटु हो या मधुर/ परन्तु यह है सत्य ह कि/ आदमी वहीं तक जाता है जहाँ तक जाने की                                                                         उसमें भौतिक क्षमता हो.     कोई त्रुटि नहीं

स्वतन्त्रता-संग्राम में मार्ग-दर्शन के लिए/महात्मा गांधी का देश/ सर्वदा आभारी रहेगा.  कोई त्रुटि नहीं.

गर्मी की उस दोपहरी में/ भीषण अग्निकाण्ड देखकर/ मेरा तो प्राण निकल गया.           कोई त्रुटि नहीं.

संक्षेपीकरण करने  की कला में/ पारंगत होने के लिए/ विधार्थियों को इसका निरन्तर अभ्यास करना चाहिए.       कोई त्रुटि नहीं.

आपका पत्र मिला / और आशा करता हूँ कि भविष्य में भी इसी प्रकार/ तुम्हारा कृपापत्र मिलता रहेगा.            कोई त्रुटि नहीं.

बुरे-सा बुरा आदमी भी/ अपने पारिवारिक सदस्यों के प्रति/ सदभाव रखता है.       कोई त्रुटि नहीं.

जो भाषा की/ शोभा में बढाए/ उसे अलंकार कहते है               कोई त्रुटि नही.

निर्देश- निम्नलिखित वाक्यों के किसी खण्ड में कोई त्रुटि है उसे छाँटिए.

जिस  प्रकार आभूषणों के द्वारा / शरीर की शोभा बढ जाती है, / उसी प्रकार अंलकारों से / भाषा में लालित्य आ जाता है.

तलवार रुधिर से / अपनी प्यास बुझाने के लिए / बिजली की भाँति / लपक रही है.

काव्य की शोभा / अथवा चमत्कार/ कभी  शब्दों में होता है / और कभी अर्थों में.

गांधीजी / पक्के ईश्वर / के भक्त / थे.

हमें / परस्पर एक दूसरे / की सहायता / करनी चाहिए.

जेठ की दोपहरी में / सोहन को घूमता देखकर / मैंने सोहन को / फटकारा.

अधिकांश/ आम / खट्टे / निकले.

मृतप्राय साँप / को चलते देखकर / मैं / स्तब्ध रह गया.

मैंने उसे /  स्मरण दिलाया / कि उसको आज / भाषण करना है.

तुम / कभी भी / आओ, / मैं तुमको घर ही मिलूँगा.

इस समय / श्री रामसलाल की आयु / कम से कम / 70 वर्ष है.

मोहन की माताजी / एक / विदान / महिला हैं.

स्कूल की छात्राओं / ने 15 अगस्त के अवसर पर अच्छे / गीत / गाया.

वह लङका / पढने के बहाने से / नित्य सबेरे घर से / निकल जाता है.

शीर्षक को चयन / करते समय अनुच्छेद में निहित / भावों और विचारों की / परख  कर लेनी चाहिए.

शीर्षक को छोटा, / आकर्षक और विषय से / सम्बद्ध / रखना चाहिए.

समय वह विभूति है / जो प्रत्येक मनुष्य / कोई ईश्वर से / मिली है.

सच तो यह है कि / समय को नष्ट करना / एक  प्रकार की / आत्महत्या है.

समय का सदुपयोग / द्वारा / मनुष्य देवता / बन जाता है.

सांस्कृतिक जागृति / के पीछे / राष्ट्रीय / जागृति आती है.

बिगुल बजाकर / सिपाही को जगाने और होश दिलाने वाले का काम / जितने महत्व का है, कम से कम उतना ही महत्व उस आदमी का है, जो सिपाही को ठीक ढंग से  वर्दी पहनाकर और कदम मिलाकर/ चलने की तमीज पढाता है.

यंत्रों को आजकल / मूल्यवान माना जाता है / और मनुष्य कौङी के मोल / बिकता है.

मनुष्य के व्यापार / करना मानवता को / कलंकित / करना है.

कृपया आप ही / यह बताने की कृपा करें / कि बम्बई कब / चलना है.

जो मनुष्य / राष्ट्र-प्रेमी होता है / उसको देश की एक –न-एक वस्तु से / प्रेम हो जाता है.

मनुष्य पर / जब तक दुःखी नहीं आता / तब तक वह / अभिमानी रहता है.

धर्म के नाम पर / आर्थिक लाभ उठाना / धर्म को कलुषित / करना है.

ईश्वर और धर्म के नाम पर / अनेक / अंधविश्वासों का / अभ्युदय हुआ.

हर भाषा यदि / किसी अन्य के लिए केवल भाषा है तो अपने आपके लिए / मातृभाषा भी होती है.

संसार के / प्रत्येक कोने-कोने / में अनगिनत भाषाएँ / बोली और लिखी जाती हैं.

संक्षेपण में / समानार्थ शब्दों को / हटाकर / रख देना चाहिए.

अच्छी भाषा लिखने के उत्सुक / व्यक्तियों को अप्रचलित एवं अव्यावहारिक / शब्दों को / प्रयोग नहीं करना चाहिए.

क्रोध के वशीभूत व्यक्ति / पागल की भाँति / अपना विवेक / काम में नहीं लाता है.

उसको व्यर्थ / बेकार में / सहायता देकर / कोई  लाभ न होगा.

आटा पिसाने के लिए / उसको घर  से / लगभग 5 किलोमीटर / जाना पङता है.

कल 25 तारीख को / कौन / तारीख / होगी ?

गोस्वामी तुलसीदास / का निधन / सम्वत् 1680 में / हुआ था.

तुमको इस समय / मुझसे बेफिजूल / बातें नहीं / करनी चाहिए.

उसने / अतिथि / को एक गेंदे / की  माला पहनाई.

ब्रज के नर-नारी / श्रीकृष्ण के वियोग में / जीवन भर / रोती रहीं.

उसने अपनी /  भूल के लिए / क्षमा की / भीख माँगी.

उत्तरमाला

    1. (C)       (C)   3.    (A)    4.    (C)   5.    (C)   6.    (B)    7.    (C)   8.      (A)    9.    (C)   10.   (A)    11.   (B)    12.   (A)    13.   (C)   14.   (C)   15.      (B)    16.   (B)    17.   (C)   18.   (A)    19.   (B)    20.   (B)    21.   (B)    22.      (B)    23.   (C)   24.   (D)   25.   (B)    26.   (A)    27.   (D)   28.   (A)    29.      (B)    30.   (A)    31.   (B)    32.   (D)   33.   (D)   34    (A)    35.   (B)    36.      (C)   37.   (D)   38.       (C)       39.       (D)       40.       (C)       41.       (B)       42.       (C)       43.            (C)       44.       (D)       45.       (B)       46.       (A)       47.       (C)       48.       (C)       49.       (B)       50.            (C)       51.       (D)       52.       (D)     

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