UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Verb Question Answer Paper 


     भूतकाल                         आना             पढना
1)      सामान्य भूत             आया/ आई                  (ने) पढा/ पढी

2)      आसन्न भूत             आया है/ आई है           (ने) पढा है/ पढी है

3)      अपूर्ण भूत               आ रहा था/ आ रही थी     पढ रहा था/ पढ रही थी

4)      पूर्ण भूत                आया था/ आई थी         (ने) पढा था/ पढी थी

5)      संदिग्ध भूत              आया होगा/ आई होगी            पढा होगा/ पढी होगी

6)      हेतुहेतुमद भूत            आता/ आती              पढता/ पढता

 

वर्तमान काल             आना                    पढना

  • सामान्य आता है/ आती है          पढता है/ पढती है
  • अपूर्ण आ रहा है/ आ रही है       पढ रहा है/ पढ रही है
  • संदिग्ध आता होगा/ आती होगी     पढता होगा/ पढती होगी
  • तात्कालिक आ रहा है/ आ रही है       पढ रहा है / पढ रही है
  • सम्भाव्य आया हो/ आयी हो         पढा हो / पढी हो

भविष्यत् काल            आना                    पढना

  • सामान्य भविष्य आएगा/ आएगी            पढेगा/ पढेगी
  • सम्भाव्य भविष्य (शायद) आए              (शायद) पढे
  • हेतुहेतुमद भूत वह आए, तो मैं जाऊँ       वह सोये , तो मैं पढूँ

वाच्य

वाच्य क्रिया का वह रूपान्तरण है जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता , कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, इसे ध्यान में रखकर ही वाच्य के तीन भेद किए गए हैं-

  1. कर्तवाच्य- क्रिया का वह रूपान्तरण कर्तवाच्य कहलाता है जिसमें वाक्य में कर्ता की प्रधानता का बोध होता है, जैसे-
  2. राम ने रोटी खाई.
  3. राधा गाती है.
  4. तुम खेलने गए.
  5. कर्मवाच्य-क्रिया के जिस रूपान्तरण से वाक्य में कर्म की प्रधानता का बोध होता है उसे कर्मवाच्य कहते हैं, जैसे-

लेख लिखा गया.

पुस्तक पढी गयी.

काम किया गया.

  • भाववाच्य – क्रिया का वह रूपान्तरण जिससे वाक्य में भाव की प्रधानता का बोध होता है, भाववाच्य कहलाता है. जैसे-

मुझसे खाया नहीं जाता.

उससे चुप नहीं रही जाता.

प्रयोग-वाक्य में क्रिया का लिंग वचन कर्ता कर्म या भाव किसके अनुसार हैं, इस आधार पर वाक्य तीन प्रकार के माने गए हैं-

  1. कर्तरि प्रयोग-वाक्य में क्रिया के लिंग ,वचन ,पुरुष कर्ता के अनुसार होते हैं यथा-

मोहन किताब पढता है.

राधा आम खाती है.

  1. कर्मणि प्रयोग- वाक्य में क्रिया के लिंग , वचन, पुरुष कर्म के अनुसार होते हैं जैसे-

श्याम ने रोटी खाई.

श्याम ने दूध पिया.

  • भावे प्रयोग– जब वाक्य में क्रिया न कर्ता के अनुसरण करती है , न कर्म का अपितु सदैव एकवचन , पुल्लिंग ,अन्य पुरुष में होती है तब उसे भावे प्रयोग कहते हैं, जैसे-

मुझसे चला नहीं जाता.

सीता से गाया नहीं जाता.

राम से आया नहीं जाता.

कर्ता बदलने पर भी क्रिया अपरिवर्तित है.

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. ‘मोहन फल खाता है’ में खाता किस प्रकार की क्रिया है?

अकर्मक

सकर्मक

दिकर्मक

संयुक्त क्रिया

  1. ‘ राधा रोती है’ में ‘रोती’ किस प्रकार की क्रिया है?

अकर्मक

सकर्मक

सहायक क्रिया

पूर्वकालिक क्रिया

  1. ‘वह भोजन करके सो गया’ इस वाक्य में भोजन करके किस प्रकार की क्रिया है?
  • सहायक क्रिया
  • पूर्वकालिक क्रिया
  • संयुक्त क्रिया
  • नामबोधक क्रिया
  1. राधा रोती है में रोती किस प्रकार की क्रिया है?
  • अकर्मक
  • सकर्मक
  • सहायक क्रिया
  • पूर्वकालिक क्रिया
  1. वह भोजन करके सो गया इस वाक्य में भोजन करके किस प्रकार की क्रिया है?
  • सहायक क्रिया
  • पूर्वकालिक क्रिया
  • संयुक्त क्रिया
  • नामबोधक क्रिया
  1. क्रिया के मूलरूप को कहते हैं-
  • धातु
  • संज्ञा
  • अव्यय
  • क्रिया विशेषण
  1. ‘वह पढ रहा है’ में कौनसा काल है ?
  • सामान्य वर्तमान
  • तात्कालिक वर्तमान
  • सामान्य भूत
  • संदिग्ध वर्तमान
  1. ‘सम्भव है पानी पङे’ में कौनसा काल है ?
  • भूतकाल
  • सामान्य भविष्यत् काल
  • सम्भाव्य भविष्यत् काल
  • हेतुहेतुमद भविष्यत् काल
  1. ‘राधा गई है’ में काल बताइए-
  • वर्तमान काल
  • भूतकाल
  • भविष्यत् काल
  • इनमें से कोई नहीं
  1. सीता गई थी में कौनसा काल है ?
  • सामान्य भूत
  • आसन्न भूत
  • पूर्णभूत
  • संदिग्ध भूत
  1. ‘वे खाना खा रहे हैं’ में काल बताइए-
  • पूर्ण वर्तमान
  • सामान्य वर्तमान
  • तात्कालिक वर्तमान
  • सम्भाव्य वर्तमान
  1. ‘शायद वे आ रहे होंगे’ में क्रिया किस काल की है ?
  • संभाव्य वर्तमान
  • संदिग्ध वर्तमान
  • सामान्य वर्तमान
  • तात्कालिक वर्तमान
  1. ‘छात्रवृत्ति मिले तो मोहन पढे’ में कौनसा काल है ?
  • हेतुहेतुमद भविष्यत्
  • संभाव्य वर्तमान
  • सामान्य भविष्यत्
  • हेतुहेतुमद भूतकाल


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