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CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Practice Set

CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Practice Set

इस पोस्ट में आपकों मिलेगें CTET (Central Teacher Eligibility Test)  बाल विकास एवं अध्ययन – विद्दा (Child Development and Pedagogy) से जुड़े 50 महत्वपूर्ण Question Answer Model Papers जिनके Answer पोस्ट के Last में दियें गये हैं

CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Practice Set
CTET Baal Vikas Shiksha Shastra Paper Level 2 Model Question Paper

बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (Child Development and Pedagogy)

  1. मान लीजिए एक प्रतिभाशाली छात्र आपके द्वारा प्रदत कक्षा कार्य में बिल्कुल रुचि नहीं ले रहा है, ऐसे छात्र के साथ न्यूनतम प्रभावी ढंग से व्यवहार करने की शैली होगी

(A) उसे मनपसंद कुछ भी पढ़ने की सलाह देना

(B) उसे विशिष्ट कार्य प्रदान करना

(C) उसे आगामी कक्षा के कार्य सम्पादन का भार सौंपना

(D) उसे विद्यालय के उपरान्त रूक कर कार्य समाप्त करने का आदेश देना।

  1. रुचि सम्बन्धी विकास के सन्दर्भ में जो अनुसंधान हुए। हैं, उनसे प्राप्त निष्कर्ष हैं

(A) रुचियाँ जन्मजात एवं मूलप्रवृत्यात्मक होती है।

(B) रुचियाँ की उत्पत्ति वातावरण में उपस्थित अवसरों पर निर्भर करती है

(C) रुचियाँ विशेष आयु वर्ग एवं एक लिंग के बालकों में लगभग समरूप होती है

(D) रुचियाँ व्यक्तित्व की अतिरिक्त वृद्धि के रूप में होती है

  1. जब शिक्षक को कोई नया पाठ पढाना हो, तो शिक्षक को प्रारम्भ करना चाहिए

(A) विषय के पुनर्विचार से

(B) छात्रों में निहित पूर्व पाठ सम्बन्धी ज्ञान से

(C) शिक्षक की स्वयं की रुचि के अनुरूप

(D) विषय के महत्त्व की व्याख्या से

4.बालक को अवांछनीय रुचियों को समाप्त करने के लिए निम्नलिखित कार्य किया जाना चाहिए

(A) उसे रुचि सम्बन्धी अभ्यास एवं पुनरावृत्ति के अवसर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए जाएं

(B) उन्हें अन्य प्रभावों प्रेरकों द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाय

(C) जब तक बालक परिपक्वता तक पहँचे. प्रतीक्षा की जाए

(D) अभ्यास को दण्ड के प्रभाव से दबाया जाए

  1. प्रायः लड़के एवं लड़कियों की रुचियों में अन्तर निम्नलिखित के परिणाम होते हैं

(A) मूलप्रवृत्यात्मक गुणों के

(B) सांस्कृतिक प्रभावों के

(C) अन्त:स्रावी ग्रन्थियों के

(D) जैविक कारकों के

  1. निम्नलिखित में से कौन-से क्षेत्र में बाह्य रूप से शीघ्र परिवर्तन किए जा सकते हैं ?

(A) अभिवृत्तियों में

(B) प्रलोभनों में

(C) रुचियों में

(D) प्रेरकों में

  1. बाल-विकास का निर्धारण किया जाता है

(A) बालक की आनुवंशिक संरचना द्वारा

(B) बालक की आनुवंशिकता तथा वातावरण दोनों को जटिल संरचना के द्वारा

(C) बालक सम्बन्धी वातावरणीय दबावों द्वारा जिन पर शिक्षक को कोई नियंत्रण नहीं होता है

(D) बालक सम्बन्धी उन वातावरणीय दबावों द्वारा जो विद्यालय द्वारा नियंत्रित किए जा सकते हैं

  1. यदि स्नायु तन्तुओं को ध्यान में रखा जाए तो बालक स्नायु तंत्र

(A) जन्म के समय पूर्ण विकसित होता है

(B) यह शरीर के अन्य अंगों की तरह विकास की स्थिति ग्रहण करता है

(C) यह वातावरणीय सदीपकों के अनरूप विकास की तीव्रता ग्रहण करता है

(D) यह अभिवद्धि का अन्तिम पर होता है

  1. आप शिक्षण के समय बाल विकास की अवस्थाओं पर ध्यान देना क्यों पसंद करेंगे।

(A) चालक के स्वाभाविक विकास गति में न्यूनतम हस्तक्षेप किया जाए

(B) कक्षा सम्बन्धी अनुभवों को परिपक्वता दर से समन्वित करके कक्षीय अनुभव प्रदान किए जाएं

(C) जब तक किसी अधिगम कौशल के प्रति उपयुक्त अभिवृत्ति प्रकट करे तब तक उसके शिक्षण को बल देना चाहिए

(D) यदि बौद्धिक एवं शैक्षिक विकास की कुछ मात्रा में हानि भी होती है फिर भी छात्र के सामाजिक तथा शारीरिक विकासों पर ध्यान केन्द्रित करना आव

  1. निम्नलिखित में से कौनसा कथन शिशु व्यवहार को प्रदर्शित करता है?

(A) विभेदनशीलता

(B) सामान्यीकरण

(C) जन्मजात गुण

(D) एकात्मकता ।

  1. बालकों में पूर्व-बाल्यावस्था सम्बन्धी जो व्यवहार प्रकट होता है

(A) मूलपत्त्यात्मक

(B) स्थानीय प्रतिवर्त

(C) यादुच्छोक्त क्रियाएँ

(D) सम्पूर्ण शरीर से क्रियाएँ ।

12.शिशुओं के व्यवहार में जो सम्पूर्ण गति प्रकट होती है। उसको स्पष्ट व्याख्या की जा सकती है

(A) शिशु के उच्चतम उत्तेजना के आधार पर

(B) शिशु के केन्द्रीय स्नायु तत्रिका विकास के आधार पर

(O) शिशु में विद्यमान अधिकतम ऊर्जा शक्ति के आधार पर

(D) शिशु के मस्तिष्क में निम्नतम विभेदनशीलता के आधार पर

13.शिश विकास के सन्दर्भ में ‘वैयक्तिकता’ का तात्पर्य है

(A) विभिन्न शिशुओं के मध्य विभेद करना

(B) शिशुओं के क्रियाकलापों की पूर्व क्रियाकलापों से तुलनात्मक स्थिति ज्ञात करना।

(C) शिश द्वारा सामाजिक नियमों का विरोध करना

(D) शिशु में विशिष्ट योग्यताओं का पनपना

  1. निम्नलिखित में कौनसा मानव व्यवहार पर न्यूनतम प्रभाव डालता है?

(A) वातावरण सम्बन्धी शक्तियाँ

(B) ग्रन्थीय असन्तुलन

(C) व्यक्ति की आवश्यकताओं की असन्तुष्टि

(D) मूलप्रवृत्तियाँ

CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Practice Set Question Paper in English 

  1. प्रारम्भिक बाल्यावस्था में निम्नलिखित में से कौनया कथन वातावरण सम्बन्धी प्रभावा क सम्बन्धी प्रभावों सम्बन्ध में सत्य है?

(A) जन्म होने तक वातावरण का प्रभाव बालक पर नहीं पड़ता है।

(B) वातावरण सम्बन्धी कारक गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित नहीं कर सकते है

(C) बालक का प्राकृतिक व्यवहार उस समय तक रूपान्तरित नहीं किया जा सकता है, जब तक कि बालक में शिक्षण द्वारा सीखने का विवेक उत्पन्न नहीं हो पाता है

(D) जो भी परिवर्तन बालक के आनुवंशिकता में किए जा सकते हैं वे बालक के वंशानुक्रम प्रतिमानों से सम्बन्धित होते है

  1. लगभग ।। वर्ष के बालकों में निम्नलिखित क्षेत्र में। लैंगिक परिवर्तन मुखर होने लगते हैं

(A) शारीरिक शक्ति में

(B) उत्तम मांसपेशीय समन्वयन में

(C) व्यक्तित्व विकास में

(D) बौद्धिक विकास में

  1. बालक के शारीरिक आकार में वृद्धि प्राय: निम्नलिखित सभी कारकों से प्रभावित होती है, किन्तु वर्तमान शोध अध्ययनों ने निम्नलिखित कारकों को अमान्य घोषित किया है

(A) सामाजिक-आर्थिक स्तर

(B) युद्ध एवं उनसे उत्पन्न विभीषिकाएँ

(C) मानसिक आयु

(D) मांसपेशीय समंजन

  1. वह कौनसी आयु है जबकि एक किशोर बालक-बालिकाएँ। प्रौढ़ के समान लम्बाई प्राप्त कर लेता है ?

(A) लड़कों के लिए 16 वर्ष तथा लडकियों के लिए।

14 वर्ष (B) लड़कों के लिए 14 वर्ष तथा लडकियों के लिए

16 वर्ष (C) लड़कों के लिए 16 वर्ष तथा लडकियों के लिए।

18 वर्ष (D) लड़कों के लिए 18 वर्ष तथा लडकियों के लिए।

16 वर्ष

  1. किशोरावस्था को असंगठन एवं द्वन्द्ध का काल कहा जाता है, क्योंकि

(A) किशोरों में अनेक द्वन्द्वात्मक रुचियाँ जागृत हो जाती है

(B) किशोर पूर्व कक्षाओं में सीखे गए पाठों को भल जाते हैं

(C किशोरों के सन्दर्भ में जिन सामाजिक मांगों को अपेक्षा की जाती है, वे वर्तमान में उनकी आवश्यकताओं के साथ द्वन्द्वात्मक विरोध प्रकट करती है

(D) शरीर-रसायन में होनेवाले तीन परिवर्तनों के फलस्वरूप किशोर उनको वातावरण के साथ पुनर्समायोजित करने में असमर्थ होते हैं।

  1. निम्नलिखित में से बाल्य खेल समूह का प्रतिनिधि कथन है

(A) समूह में दोनों लिंगों को प्राथमिकता

(B) बालकों में मूल्यों के प्रति लगाव

(C) बालकों के शारीरिक संगठन में पर्याप्त अन्तर

(D) बालकों की शारीरिक ऊर्जा एवं स्थिति

  1. निम्नलिखित में से कौनसा कथन शारीरिक क्रियाओं का लक्ष्य नहीं है?

(A) शारीरिक तथा मानसिक विकास

(B) सामाजिक, नैतिक तथा संवेगात्मक विकास

(C) बुनियादी आवश्यकताओं की सन्तुष्टि

(D) प्रतिस्पर्धा एवं द्वन्द्व भावनाओं का विकास

  1. प्राय: लोगों का विश्वास है कि प्राथमिक कक्षा में शारीरिक शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए

(A) नियमित रूप से कक्षा-शिक्षक के द्वारा

(B) विशेष व्यायाम शिक्षक के द्वारा

(C) विद्यालय के नर्स के द्वारा

(D) कक्षा-शिक्षक तथा व्यायाम शिक्षक के परस्पर सहयोग के द्वारा

  1. संवेग का तात्पर्य है

(A) बालक का विशेष दशा में दिया गया प्रत्युत्तर

(B) बालक की संवेगात्मक अनुक्रिया

(C) बालक की उद्दीप्त अवस्था जो किसी उद्दीपक के सन्दर्भ में अनुक्रिया द्वारा व्यक्त की गई है।

(D) असंगठित व्याहार

24.एक छोटे बालक के संवेगों को प्रौढ व्यक्ति के संवेगों। से पृथक् किया जा सकता है

(A) आंतरिक अंगों में अधिक परिवर्तन के द्वारा

(B) मांसपेशियों में अतिरिक्त प्रतिक्रिया द्वारा

निम्नस्तरोध असंगठन द्वारा

(D) उद्दीपक के प्रति क्रियाशील द्वारा

  1. शिशु में सर्वप्रथम किस प्रकार का संवेग दृष्टिगोचर होता है

(A). भय

(B) सामान्य उत्तेजना

(C) दु:ख

(D) प्रसन्नता

26 चालक के संवेगात्मक अनुभवों का विश्लेषण किया

(A) उसको मुख मुद्दा द्वारा

(B) उसके अन्तनिरीक्षण द्वारा

(O) मनोहारिक परिवंतनों द्वारा

(D) उद्दीपकों को प्रतिक्रिया द्वारा

27.निम्नलिखित में से कौनसी अवस्था कोष संवेगों के निस्तारण के लिए अधिक उपयुक्त है

(A) शैक्षिक प्रतिस्पर्धा

(B) रोड प्रतिस्पर्धा

(O) ड्रामा एवं नाटकों में अभिनय

(D) प्रतिस्पर्धात्मक खेलकुद प्रतियोगिताएँ

28 भय संवेग को उत्पन्न करने के लिए स्वाभाविक उदीपक

(A) रोएंदार प्राणी

(B) अन्धकारयुक्त स्थान

(C) तेजी से गिरती वस्तु

(D) प्रतिस्पर्धात्मक खेलकूद प्रतियोगिताएँ

  1. छोटा बालक एकान्त स्थान में भयास्त हो जाता है, इसका कारण है कि

(A) बालक में समुदाय कि भावना जन्मजात पाई जाती है

(B) बालक में जन्मजात भय संवेग पाया जाता है ।

(C) बालक में अनुबन्धन पाया जाता है

(D) बालक में सुरक्षा एवं सहायता की बनियादी आवश्यकता उपस्थित रहती है

30, भय, संवेग तथा क्रोध में निकटतम सम्बन्ध है-इसको उपयुक्त व्याख्या की जा सकती है

(A) दोनों के अन्तनिहित कारकों में समानता

(B) क्रोध से उत्पन्न अनुबन्धन

(O) दुःख को समरूप भावना

(D) दोनों में समरूपता

CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Question Answer Practice Set

  1. ‘प्रेम’ के विकास की प्रथम अवस्था माना जा सकता है।

(A) बालक का अपनी माता के प्रति प्यार

(B) बालक को अपने भाई-बहिन के प्रति प्यार

(C) स्वयं के प्रति प्यार

(D) अन्य बालकों के प्रति लगाव

32 नकारात्मक संवेगों के नियन्त्रण की विधि है

(A) नकारात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न करने वाले उद्दीपका का एक-एक करके पृथक् कर दिया जाए

(B) अन्य व्यक्तियों से परामर्श किया जाए, जो __मिलते-जलते संवर्गों के पूर्व शिकार हो चुके हों

(C) सदैव प्रसन्नतादायो कार्यों में लिप्त रहा जाए।

(D) नकारात्मक चिन्तन का परित्याग किया जाए।

  1. संवेगात्मक समायोजन का आवश्यक गुण है

(A) सरलतापूर्वक मित्र बनाने की कला

(B) समाज के सन्दर्भ में आवेगों का हास

(C) वांछनीय उद्देश्यों की प्राप्ति में ऊर्जा का संचालन

(D) उच्च प्रकार का भावना से जूझने वाले धैर्य

34 अपरिपक्वता तथा कुसमायोजन में अंतर है

(A) अस्वीकृत व्यवहार की तीव्रता का ।

(B) व्यक्तिगत जीवन में अस्वीकृत व्यवहार की स्थिति का

(0) व्यक्ति की आयु का ।

(D) घटना के कारण एवं उद्गम का

35.बालक के सामाजीकरण का उद्देश्य होता है

(A) उसके व्यक्तिगत-सामाजिक समायोजन में वृद्धि

(B) उसका अभिवृत्ति रुचि एवं विश्वासों से वद्धि

(C) समूह मानकों के प्रति अनरक्ति

(D) सामाजिक समूह के प्रतिमानों में वृद्धि

  1. सामाजिक सहभागिता से किस वैज्ञानिक का नाम जुड़ा

(A) ब्रिजेज का

(B) डेनिस का

(C) गेसैल का

(D) पार्टन का

37.सामाजिक विकास के सन्दर्भ में प्राथमिक विद्यालय के बालक की विशिष्ट आदतें हैं

(A) समूह प्रत्याशाओं की उपेक्षा तथा समूह मानकों से विघटन

(B) मित्रों से स्वामिभक्ति

(C) असुरक्षा, पूर्वाग्रह तथा तिरस्कार

(D) जीवन लक्ष्यों की खोज

  1. समाजीकरण की प्रक्रिया में बालक उन सामाजिक मानकों का अनुसरण करता है जो

(A) उसके निकटस्थ होते हैं ।

(B) उसे निकट भविष्य में सुरक्षा प्रदान करते हैं

(C) उसे सन्तुष्टि प्रदान करते हैं

(D) उसके प्रेरकों को शान्त करते हैं।

39.बालक में शर्मालेपन एवं प्रौढ़ता उजागर होने लगते हैं

(A) प्रारम्भिक बाल्यावस्था में

(B) उत्तर-बाल्यावस्था में

(C) पूर्व-किशोरावस्था में

(D) उत्तर-किशोरावस्था में

40.विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बालक परस्पर निम्न व्यवहार प्रदर्शित करते हैं?

(A) अधिक मित्रवत् बजाय आक्रामकता के

(B) अधिक आक्रामक कम मित्रवत्

(C) अत्यधिक प्रतिरोधी व्यवहार

(D) अधिक मित्रतापूर्ण तथा कम प्रतिरोधी व्यवहार

  1. किशोरावस्था में नेतृत्व का सम्बन्ध होता है

(A) मानसिक चेतना से

(B) शारीरिक आकार एवं शक्ति से

(C) विद्यालय में सफलता से

(D) सदस्य समूह में लोकप्रियता से

  1. विद्यालय में पढ़ने वाले बालक के समायोजन की। कसौटी है

(A) आवश्यकताओं का उपयुक्त समन्वय

(B) उत्कृष्ट सामाजिक दक्षता

(C) उत्कृष्ट अनुकूलनशीलता

(D) व्यक्तिगत सामायोजन

  1. विद्यालय में पढ़ने वाले बालक के समायोजन की। कसौटी है

(A) उसमें निहित योग्यताएँ

(B) उसमें निहित प्रसन्नता की भावनाएँ

(C) उसमें साथ खेलने वाले बालकों की संख्या

(D) उसमें आत्मनिर्भता तथा अपेक्षित स्वपूर्णता

  1. विद्यालय नियम संहिता का प्राथमिक उद्देश्य है

(A) छात्रों को विद्यालय सम्बन्धी नियमों की जानकारी प्रदान करना

(B) छात्रों को जीवन विद्यालयों में समायोजन के अवसर प्रदान करना

(C) अपराधी बालकों को उचित दण्ड प्रदान करना

(D) छात्रों को स्कूल परम्परा का ज्ञान प्रदान करना

  1. वास्तविक रूप से सामाजिक विकास है, एक

(A) सामाजिक नियमों के अनुरूप व्यवहार करने की योग्यताएँ

(B) सामाजिक सुरक्षा एवं ग्राहता की उपलब्धि

(C) किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत उद्देश्यों का सामाजिक जीवन के नियमों के साथ एकीकरण

(D) सामाजिक कौशलों का विकास ।

CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Question Model Paper in English

  1. ‘सामाजिक परिपक्वता’ का विशेष गुण प्रदर्शित करता

(A) एक व्यक्ति की आवश्यकताओं, उद्देश्यों तथा सामाजिक मान्यताओं में उत्तम तालमेल

(B) उच्च सामाजिक योग्यता (दक्षता)

(C) सामाजिक माँगों के संदर्भ में उचित अनुकूलन

(D) उच्च व्यक्तिगत समायोजन

47.पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में बालक के समायोजन सम्बन्धी कसौटी है

(A) उसके द्वारा अपनी देखभाल तथा आवश्यकताओं की पूर्ति पर ध्यान देना

(B) अपनी सामाजिक स्थिति में प्रसन्न रहना

(C) अलग-अलग बालकों के साथ खेलने की प्रवृत्ति

(D) उसमें आत्मनिर्भरता का विकास तथा प्रौढ़ निर्भरता से स्वतंत्र रहने की प्रवृत्ति

  1. सम्प्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत दो व्यक्तियों के मध्य

(A) अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाता है

(B) यह अनुभवों का पृष्ठ-पोषण करती है

(C) अप्रत्यक्ष वार्तालाप किया जाता है

(D) प्रत्यक्ष वार्तालाप किया जाता है।

  1. सम्प्रेषण सम्पन्न हो सकता है

(A) दो प्राणियों के मध्य

(B) मशीन एवं प्राणी के मध्य

(C) दो पशुओं के मध्य

(D) केवल मशीनों के मध्य

  1. निम्नलिखित वैज्ञानिक उपकरण के आविष्कार के फलस्वरूप विश्व में सम्प्रेषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए

(A) टेलीग्राफ यंत्र

(B) टेलीविजन

(C) कम्प्यूटर की

(D) रेडियो

उत्तर माला (CTET Paper Level 2 Baal Vikas Shiksha Shastra Practice Set)

  1. (D) 2. (B) 3.    (B)    4.    (B)    5.    (B)    6.    (B)    7.    (B)    8.    (A)    9.      (B)    10.   (B)    11.   (D)    12.   (B)    13.   (B)    14.   (D)    15.   (D)    16.   (B)      17.   (D)    18.   (C)    19.   (C)    20.   (D)    21.   (D)    22.   (D)    23.   (C)    24.      (B)    25.   (B)    26.   (D)    27.   (D)    28.   (B)    29.   (C)    30.   (C)    31.   (C)      32.   (C)    33.   (C)    34.   (C)    35.   (C)    36.   (C)    37.   (C)    38.   (C)    39.      (C)    40.   (C)    41.   (C)    42.   (C)    43.   (C)    44.   (C)    45.   (C)    46.   (C)      47.   (C)    48.   (C)    49.   (C)    50.   (C)

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