A2zNotes.com -Best Bcom BBA Bed Study Material

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Pronoun Question Answer Paper

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Pronoun Question Answer Paper Teacher Eligibility Test (UPTET ) Most Important Question Answer Papers in Hindi English

UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Pronoun Question Answer Paper
UPTET Paper Level 1 Samanya Hindi Pronoun Question Answer Paper

सर्वनाम  (Pronoun) (UPTET Question Answer Papers)

परिभाषा

“सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं, जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है.”

जैसे-मैं, हम , तुम, वह, वे , यह आदि.

सर्वनाम के भेद

सर्वनाम के छः भेद हैं-

  • पुरुषवाचक सर्वनाम(Personal Pronoun)-मैं, तू , वह , आप , हम , वे ,
  • निजवाचक सर्वनाम(Reflexive Pronoun)-आप
  • निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun)-यह, वह, ( ये , वे ).
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)-कोई, कुछ
  • सम्बन्धवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)-जो, सो
  • प्रश्नावाचक सर्वनाम( Interrogative Pronoun)-कौन,क्या

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा– जो सर्वनाम पुरुषों (स्त्री या पुरुष) के नाम के बदले आते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहा जाता है, ये तीन प्रकार के होते हैं-
  2. उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम, जैसे- मैं , हमें, मुझसे,मेरा इत्यादि.
  3. मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम –तू, तुम, मुझसे,तुम्हें, तुम्हारा,आप आदि
  • अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम-वह, वे ,उनसे ,उनका, उनमें उन पर आदि.
  1. निजवाचक सर्वनाम की परिभाषा –जिस सर्वनाम से स्वयं का बोध हो उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे-आप

निजवाचक सर्वनाम ‘आप’ का प्रयोग अपने लिए होता है- आदरसूचक ‘आप’ के लिए नहीं जैसे- मैं अपने आप चला जाऊँगा.

  1. निश्चयवाचक सर्वनाम– जो सर्वनाम पास या दूर की किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति के लिए संकेत करता है, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं, जैसे-यह,वह, ये,वे, इसको, इनसे,उसके लिए,इसमें,उस पर आदि मूलतः निश्चयवाचक सर्वनाम दो हैं – यह, वह यथा-

यह लो      वह रहने दो,        वह बेकार है मत लो

  1. अनिश्चयवाचक सर्वनाम –जिस सर्वनाम से किसी निश्चित वस्तु का बोध न हो,उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं,जैसे-कोई ,कुछ

उदाहरण-

  1. कोई यहाँ आएगा तो मैं आपके साथ चल सकूँगा.
  2. कुछ खा लेते , तो अच्छा रहता.
  • कोई नहीं आता
  1. आज कोई-न-कोई अवश्य आएगा.
  2. दाल में कुछ काला है.
  3. कहते सब हैं, करते कोई-कोई ही हैं.
  4. सम्बन्धचवाचक सर्वनाम-जिस सर्वनाम से किसी दूसरे सर्वनाम से सम्बन्ध ज्ञात होता है,उसे सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते हैं, जैसे- जो-सो,जिसने-उसने, जिसकी-उसकी, जिसमें –उसमें ,जो –वह.

उदाहरण-

  1. जो सोता है सो खोता है.
  2. जो परिश्रम करेगा, वह उत्तीर्ण होगा.
  • जिसकी लाठी , उसकी भैंस.
  1. वह कौन है, जो सो रहा है ?
  2. वह जो न करे, सो थोङा है.
  3. जो आपको घर पर मिला था, वह मेरा भाई है.

द्रष्टव्य-(क) जो के साथ सो की जगह वह भी प्रयोग होता है, (ख) कई स्थानों पर केवल एक

ही सम्बन्धचवाचक सर्वनाम होता है और दूसरे की अवधारणा (कल्पना) करके काम चलाया

जाता है ,यथा

  1. (जो) गया सो गया. अब क्या हो सकता है ?
  2. जो हो गया ( सो ) हो गया.
  3. प्रश्नावाचक सर्वनाम – जिस सर्वनाम से प्रश्न का बोध होता है अथवा प्रश्न करने के लिए जिस सर्वनाम का प्रयोग होता है, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं , जैसे-कौन, क्या,

उदाहरण-

  1. कौन आ रहा है?
  2. तुम क्या खा रहे हो ?
  • किससे पता पूछोगे ?
  1. हम किस पर विश्वास करें?
  2. कमरे में कौन-कौन हैं?
  3. ये किताबें किसके लिए हैं?
  • हम ये मुसीबत क्यों सहें?
  • रोटी किससे खाओगे?

सर्वनामों के विशेष प्रयोग

  • वे , ये ,तुम, हम, आप लोग –ये बहुवचन के रूप हैं,परन्तु आदरसूचक अर्थ में ये एकवचन के साथ भी प्रयोग में आते हैं.
  • ‘आप’ आदरसूचक अर्थ में हो आता ही है (मध्यम पुरुष के लिए), निजवाचक अर्थ में भी आता है (तीनों पुरुषों के लिए).किसी चरितनायक की जीवनी में वह या वे (अन्य पुरुष) की जगह आप का प्रयोग होता है.

उदाहरण-पं. जवाहरलाल नेहरू का जन्म सन् 1889 में हुआ.आपके माता-पिता ने आपको बहुत लाङ-प्यार से पाला. आपका विवाह अनिध सुन्दरी कमला नेहरू के साथ हुआ.

सर्वनाम के रूपान्तर (विकारी रूप)

  • सर्वनाम का रूपान्तर, पुरुष, वचन और कारक की दृष्टि से होता है. लिंग भेद कारक की दृष्टि से रूपान्तर नहीं होता है.
  • संज्ञा के समान सर्वनाम के भी दो वचन होते हैं-

एकवचन और बहुवचन . पुरुषवाचक और निश्चयवाचक सर्वनाम को छोङकर शेष सर्वनाम विभक्ति रहित बहुवचन में एकवचन के समान रहते हैं.

  • सर्वनाम में केवल सात कारक होते हैं. सम्बोधन कारक नहीं होता है.
  • कारकों की विभक्तियाँ लगने में सर्वनामों के रूप में विकृति आ जाती है, जैसे मैं-मुझको, मुझे, मुझसे, मेरा, तुम- तुम्हें , तुम्हारा, हम- हमें, हमारा, वह- उसने, उसे ,उसको, उससे, उसमें, उन्होंने, उनका,  यह– इसने, इसे, इससे, इन्होंने, इनको, इन्हें, इनसे, कौन– किसने, किसको, किसे.

सर्वनाम शब्दों की कारक –रचना-समस्त विभक्तियों के रूप

मैं (उत्तम पुरुष )

कारक                   एकवचन                 बहुवचन
कर्ता                    मैं, मैंने                        हम, हमने
कर्म                    मुझे, मुझको              हमें, हमको
करण                   मुझसे, मेरे द्वारा          हमसे, हमारे द्वारा
सम्प्रदान                 मुझे, मेरे लिए            हमें, हमारे लिए
अपादान                 मुझसे                   हमसे
सम्बन्ध                 मेरा, मेरी, मेरे            हमारा, हमारी, हमारे
अधिकरण               मुझसें , मुझ पर          हमसे, हम पर

तू (मध्यम पुरुष)

कारक                        एकवचन                 बहुवचन
कर्ता                    तू,तूने                   तुम,तुमने,तुम लोगों ने
कर्म                    तुझे,तुझको                तुम्हें, तुम लोगों को
करण                   मुझसे, तेरे द्वारा          तुमसे,तुम्हारे से,तुम लोगो से
सम्प्रदान                तुझको, तुझे,तेरे लिए       तुम्हें, तुम्हारे लिए, तुम लोगों                                                     के लिए
अपादान                 तुझसे                    तुमसे,तुम लोगों से
सम्बन्ध                 तेरा, तेरी, तेरे             तुम्हारा, तुम्हारी,तुम लोगो के                                                     लिए
अपादान                 तुझसे                    तुमसे,तुम लोगों से

सम्बन्ध                        तुझसे                    तुमसे, तुम लोगों से

वह (अन्य पुरुष)

 

कारक                        एकवचन                 बहुवचन
कर्ता                   वह, उसने                वे, उन्होंने
कर्म                   उसे,उसको                उन्हें , उनको
करण                उससे, उसके द्वारा           उनसे,उनके द्वारा


Leave a Comment

Your email address will not be published.